पिरामल फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनीने 1,506 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 210 प्रतिशत ज़्यादा है। मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा तेज़ी से बढ़कर 502 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 390 प्रतिशत ज़्यादा है। जयराम श्रीधरन, एमडी और सीईओ, पिरामल फाइनेंस, ने कंपनी के प्रदर्शन के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि, “वित्त वर्ष 2026 पिरामल फाइनेंस के लिए बहुत महत्वपूर्ण साल रहा। इस साल कंपनी ने मजबूत वृद्धि हासिल की, रिटेल कारोबार पर ज्यादा ध्यान दिया और तकनीक का बेहतर इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कंपनी पूरे भारत में अपना विस्तार कर रही है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लोन देने की प्रक्रिया, ग्राहक सेवा, वसूली और कामकाज को और अधिक प्रभावी और आसान बनाने में मदद करेगा। कंपनी का लक्ष्य एक मजबूत, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार लोन व्यवसाय विकसित करना है, साथ ही लगातार विकास को बनाए रखना है।” कंपनी ने इस साल महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति (असेट्स अंडर मैनेजमेंट) 25 प्रतिशत बढ़कर 1,01,230 करोड़ रुपये हो गई है। इस वृद्धि में रिटेल व्यवसाय का सबसे ज़्यादा योगदान रहा है। अब कंपनी के कुल संपत्ति में 85 प्रतिशत हिस्सा रिटेल व्यवसाय का है। इससे पता चलता है कि कंपनी बड़े लोन की बजाय छोटे और रिटेल ग्राहकों पर पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
वित्त वर्ष 2027 के लिए पिरामल फाइनेंस ने अपने कुल संपत्ति (असेट्स अंडर मैनेजमेंट) में 25 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। साथ ही कंपनी ने 50 प्रतिशत मुनाफा बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी को रिटर्न ऑन एसेट्स 2.1 प्रतिशत से बढ़कर 2.5 प्रतिशत होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी 170 नई शाखाएं खोलेगी, जिनमें से ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में होंगी।
रिटेल लोन व्यवसाय कंपनी की वृद्धि का मुख्य आधार बन गया है। रिटेल कुल संपत्ति (असेट्स अंडर मैनेजमेंट) 33 प्रतिशत बढ़कर 85,885 करोड़ रुपये हो गया है, जो कुल संपत्ति का 85 प्रतिशत है। मॉर्गेज लोन (होम लोन और प्रॉपर्टी लोन) 32 प्रतिशत बढ़कर 57,837 करोड़ रुपये हो गए हैं। चौथी तिमाही (Q4) में लोन वितरण 34 प्रतिशत बढ़कर 13,101 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का नेटवर्क अब 568 शहरों में 701 शाखाओं तक फैल चुका है और यह 57 लाख ग्राहकों को सेवा दे रही है।
तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी के मुख्य फोकस क्षेत्र बने हुए हैं। इनका इस्तेमाल लोन देने की प्रक्रिया, वसूली, ग्राहक सेवा और भर्ती प्रक्रिया में किया जा रहा है। इन प्रयासों से कामकाज ज्यादा तेज और आसान हुआ है, निर्णय जल्दी लिए जा रहे हैं और जोखिम प्रबंधन भी बेहतर हुआ है। इसके साथ ही, कम कर्मचारियों के साथ भी कंपनी का विस्तार संभव हुआ है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। कंपनी के पास 8,640 करोड़ रुपये की नकद और आसानी से उपयोग होने वाले निवेश मौजूद हैं। इस तिमाही में कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में कई बार सुधार हुआ हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रदर्शन अनुशासन के साथ काम करने, पोर्टफोलियो में बदलाव करने और तकनीक के उपयोग के कारण अच्छा रहा है। जिससे कंपनी अगले विकास चरण के लिए मजबूत स्थिति में है।