वाराणसी: व्हीट प्रोडक्ट्स प्रमोशन सोसायटी (WPPS), डब्ल्यूपीपीएस सीईओ कॉन्क्लेव 2026 की मुख्य आयोजक संस्था के रूप में, भारत के गेहूं उद्योग से जुड़े इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच का आयोजन 9–10 जुलाई 2026 को होटल ताज गंगेज, वाराणसी में कर रही है। इस वर्ष कॉन्क्लेव की थीम है Redefining Wheat Value Chains for a New India। इस कॉन्क्लेव का सह-आयोजन उत्तर प्रदेश रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन (UPRFMA) द्वारा किया जा रहा है।वर्ष 1988 में स्थापित WPPS भारत के गेहूं और गेहूं उत्पाद क्षेत्र के प्रचार, विकास और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। पिछले वर्षों में WPPS ने उद्योग संवाद, तकनीकी ज्ञान-विनिमय, गेहूं खपत को बढ़ावा, गुणवत्ता सुधार, मूल्य संवर्धन, पोषण, बेकरी विकास, फ्लोर मिलिंग आधुनिकीकरण और गेहूं वैल्यू चेन में मजबूत सहयोग के लिए अनेक मंच तैयार किए हैं।यह कॉन्क्लेव इस वर्ष गेहूं उद्योग के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जा रहा है, जिसमें 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों, 81 शहरों, लगभग 350 प्रतिभागियों और 50 से अधिक वक्ताओं, मॉडरेटरों एवं पैनलिस्टों की भागीदारी होगी। इसमें भारत और विदेशों से फ्लोर मिलिंग, गेहूं व्यापार, बेकरी, ब्रेड, बिस्किट, नूडल्स, पास्ता, खाद्य प्रसंस्करण, पोषण, भंडारण, तकनीक, कमोडिटी बाजार, नीति, खरीद, सप्लाई चेन, फोर्टिफिकेशन और मीडिया क्षेत्रों के विशेषज्ञ व उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार सिंह, IAS (सेवानिवृत्त), मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश सरकार एवं पूर्व मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, गरिमामयी उपस्थिति देंगे। प्रो. रमेश चंद, डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर, ICRIER एवं पूर्व सदस्य, नीति आयोग, भी कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे।10 जुलाई 2026 को मुख्य सत्रों में भारत के गेहूं और गेहूं उत्पाद क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी, जिनमें वैश्विक गेहूं बाजार, नीति, मौसम और मूल्य जोखिम; खरीद, व्यापार, भंडारण, सप्लाई चेन और खाद्य सुरक्षा; मिलिंग तकनीक, गेहूं गुणवत्ता, फोर्टिफिकेशन, प्रोसेसिंग दक्षता और स्मार्ट एनर्जी समाधान; पोषण, बेकरी, स्टेपल फूड, मूल्य संवर्धन और आधुनिक उपभोक्ता उत्पाद शामिल हैं।श्री अजय गोयल, चेयरमैन, डब्ल्यूपीपीएस ने कहा कि गेहूं केवल एक खाद्यान्न नहीं है, बल्कि खाद्य सुरक्षा, किसान आय, फ्लोर मिलिंग, बेकरी, खाद्य प्रसंस्करण, पोषण, तकनीक, रोजगार और उपभोक्ता कल्याण से जुड़ी एक संपूर्ण वैल्यू चेन है। श्री दीपक कुमार बजाज, अध्यक्ष, UPRFMA ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के सबसे महत्वपूर्ण गेहूं उत्पादक और गेहूं प्रसंस्करण राज्यों में से एक है। राज्य में फ्लोर मिलों, व्यापारियों, बेकर्स, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और उपभोक्ताओं का मजबूत आधार है। श्री राज कपूर ने कहा कि ब्रेड और बेकरी उद्योग भारत की गेहूं वैल्यू चेन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। ब्रेड घरों, होटलों, रेस्टोरेंट्स, संस्थानों, स्कूलों, अस्पतालों, QSRs और रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचती है। श्री ए. एन. गुप्ता, पूर्व चेयरमैन, डब्ल्यूपीपीएस; पूर्व अध्यक्ष, RFMFI; एवं मानद कोषाध्यक्ष, डब्ल्यूपीपीएस ने कहा कि डब्ल्यूपीपीएस आज गेहूं और गेहूं उत्पाद उद्योग की एक सार्थक और मान्यता प्राप्त आवाज बन चुका है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूपीपीएस ने सेमिनारों, तकनीकी कार्यक्रमों, उद्योग चर्चाओं, ज्ञान-साझाकरण सत्रों, मीडिया संवाद और हितधारक बैठकों के माध्यम से गेहूं उद्योग को लगातार जोड़े रखने, जागरूक करने और सक्रिय बनाने का कार्य किया है।9 जुलाई 2026 को पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए वाराणसी का एक विशेष सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव भी रखा गया है। इसमें गंगा क्रूज / बजरा राइड, गंगा द्वार से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन, गंगा आरती दर्शन, जलपान और रात्रि भोज शामिल रहेंगे। यह कार्यक्रम प्रतिनिधियों को केवल एक व्यावसायिक मंच ही नहीं, बल्कि वाराणसी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि का यादगार अनुभव भी प्रदान करेगा।कॉन्क्लेव में डब्ल्यूपीपीएस की “I Love Wheat” पहल को भी आगे बढ़ाया जाएगा, जिसके माध्यम से गेहूं के पोषण, बहुउपयोगिता, सांस्कृतिक महत्व, उत्पादन क्षमता और भारत की खाद्य सुरक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को सकारात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।कार्यक्रम में डब्ल्यूपीपीएस Awards Ceremony भी आयोजित की जाएगी, जिसका आयोजन व्हीट प्रोडक्ट्स प्रमोशन सोसायटी द्वारा किया जाएगा। डब्ल्यूपीपीएस Awards Ceremony में श्री रविंद्र जायसवाल जी, माननीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, गरिमामयी उपस्थिति देंगे।इस आयोजन से भारत के लिए एक मजबूत, अधिक प्रतिस्पर्धी, तकनीक-सक्षम और भविष्य के लिए तैयार गेहूं वैल्यू चेन के निर्माण हेतु व्यावहारिक सुझाव और दिशा मिलने की उम्मीद है।