यूरोलॉजी के मरीजों के लिए वरदान है रोबोटिक सर्जरी, मैक्स हॉस्पिटल साकेत ने लोगों को किया जागरूक

वाराणसी: यूरोलॉजी के क्षेत्र में रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी के रूप में पिछले कुछ वक्त में शानदार तरक्की हुई है जिसकी मदद से ओपन सर्जरी का इस्तेमाल काफी कम हो गया है। इस बारे में लोगों को जागरूक करने के मकसद से मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत नई दिल्ली के डॉक्टरों ने आज वाराणसी में एक जन जागरूकता सत्र का आयोजन किया।

इस मौके पर मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत में यूरो-ऑन्कोलॉजी, रोबोटिक एंड किडनी ट्रांसप्लांटेशन विभाग के चेयरमैन डॉक्टर अनंत कुमार मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि रोबोट की मदद से की जाने वाली सर्जरी के कारण अब स्किल्ड डॉक्टर बेहतर तरीके से मिनिमली इनवेसिव सर्जरी कर सकते हैं जिनके रिजल्ट भी अच्छे आते हैं।

मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत में यूरो-ऑन्कोलॉजी, रोबोटिक एंड किडनी ट्रांसप्लांटेशन विभाग के चेयरमैन डॉक्टर अनंत कुमार ने इस मौके पर कहा, ”पारंपरिक तरीकों से की जाने वाली सर्जरी की तुलना में रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी के फायदे कई गुना हैं। रोबोटिक तकनीक की मदद से यूरोलॉजिकल संबंधी सभी समस्याओं के इलाज को बदल दिया है. प्रोस्टेट सर्जरी में क्रांति आई है, जिससे सर्जनों को आसपास की संरचनाओं को संरक्षित करते हुए कैंसर टिशू को ठीक से हटाने में सक्षम बनाया गया है। इससे मूत्र संबंधी समस्याएं और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का खतरा कम हो जाता है। किडनी कैंसर के मामलों में भी ये काफी उपयोगी है। बड़े ट्यूमर के मामले में इसके जरिए कम्प्लीट किडनी रिमूवल किया जाता है जबकि छोटे ट्यूमर के केस में सिर्फ ट्यूमर को ही हटाया जाता है. किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल मामलों में भी इस प्रक्रिया का बहुत लाभ मिलता है. ब्लैडर की सर्जरी में रोबोट की मदद से रिकंस्ट्रक्शन की मुश्किल प्रक्रिया को पूरा किया जाता है और ब्लैडर रिमूव किया जाता है। इसके अलावा टेस्टिकुलर कैंसर, पेनाइल कैंसर, यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस और पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स के मामलों में भी रोबोटिक असिस्टेड प्रक्रियाएं काफी असरदार रहती हैं।

रोबोटिक तकनीक से डॉक्टरों को मुश्किल से मुश्किल सर्जरी भी सटीक तरीके से करने में मदद मिलती है। जो केस असंभव माने जाते थे, उनमें भी सर्जरी संभव हो गई है. इसमें सर्जरी के दौरान छोटा कट लगाया जाता है, जिसकी वजह से सर्जरी के बाद दर्द कम होता है, निशान नहीं रहता है, इंफेक्शन का खतरा कम रहता है और मरीज की जल्दी से रिकवरी होती है. रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी के फायदे सर्जिकल प्रक्रिया से भी परे हैं, जिससे मरीज के लिए अच्छे रिजल्ट आते हैं। मरीज को ट्रामा कम होता है, ब्लीडिंग कम होती है, रिकवरी तेज होती है, दर्द कम होता है और ज्यादा असुविधा नहीं होती है।

डॉक्टर अनंत ने आगे कहा, ”एक सर्जन के नजरिए से, रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी से बहुत लाभ मिले हैं. रोबोटिक सिस्टम से विज़ुअलाइज़ेशन बेहतर हुआ है, उपकरण की स्थिरता और सटीकता बढ़ी है और इन सबसे सर्जन को काफी मदद मिलती है। जैसे जैसे सर्जन अपने हाथ चलाते हैं ठीक उसी तरह रोबोटिक आर्म्स काम करते हैं। सर्जरी के दौरान डॉक्टर इसकी मदद से मुश्किल जगहों को भी बिना किसी नुकसान के एक्सेस कर लेते हैं और बहुत ही सटीक तरीके से सर्जरी कर पाने में वो सफल रहते हैं। इससे सर्जन को होने वाली किसी बीमारी या इंफेक्शन का खतरा भी नहीं रहता है क्योंकि वो कंसोल की मदद से ऑपरेशन करते हैं।

यूरोलॉजी के फील्ड में रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी ने काफी प्रभावशाली बदलाव किए हैं। मैक्स हॉस्पिटल साकेत भी स्किल्ड सर्जन के साथ स्टेट ऑफ आर्ट रोबोटिक उपकरणों की मदद से मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करा रहा है। अस्पताल की इस इनोवेटिव अप्रोच से मरीजों को बहुत लाभ मिला है। सर्जरी के दर्द से उन्हें मुक्ति मिली है और सर्जरी के बाद रिकवरी भी तेजी से होती है। इससे मरीजों का जीवन बदला है। यहां तक कि किडनी ट्रांसप्लांट और आईवीसी थ्रोबेक्टोमी जैसी जटिल प्रक्रियाएं भी कम से कम मॉर्बिडिटी के साथ पूरी कर ली जाती हैं. रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी बहुत ही सुरक्षित और लाभकारी है जो मरीजों के हेल्थ सुधार में काफी उपयोगी साबित हो रही है।

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