आगरा: भारत की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में से एक महिंद्रा फाइनेंस ने एन आई आई टी फाउंडेशन के साथ अपने सी एस आर कार्यक्रम ‘धन संवाद’ को और मज़बूत बनाने के लिए साझेदारी की है। इस पहल के ज़रिए दोनों संगठनों का लक्ष्य समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाना है। महिंद्रा फाइनेंस के मज़बूत स्थानीय नेटवर्क को एन आई आई टी फाउंडेशन के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ मिलाकर यह साझेदारी लोगों को वित्तीय प्रबंधन के बारे में सीखने, डिजिटल कौशल को बेहतर बनाने और भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय आदतें विकसित करने में मदद करती है।
धन संवाद कार्यक्रम को गिग वर्कर्स, स्वरोजगार वाले लोगों और छोटे व्यापारियों की मदद करने के लिए तैयार किया गया है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ औपचारिक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का उपयोग कर सकें और बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ तालमेल बिठा सकें। यह कार्यक्रम वित्त वर्ष 2024 में शुरू हुआ था और अब तक 4,95,000 से ज़्यादा लोगों की मदद कर चुका है। यह उन्हें अपने पैसों का बेहतर प्रबंधन करने, डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित रूप से उपयोग करने और वित्तीय आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ज़रूरी जानकारी और साधन उपलब्ध कराता है। अब तक इस पहल ने ज़मीनी स्तर पर काफ़ी प्रगति की है और यह आठ राज्यों के 40 ज़िलों में चल रही है।
एन आई आई टी फाउंडेशन ने महिंद्रा फाइनेंस के साथ मिलकर 13 मार्च 2026 को अपने सी एस आर कार्यक्रम ‘धन संवाद’ के तहत “सेलिब्रेटिंग वित्तीय साक्षरता माइलस्टोन एंड इंस्पायरिंग अ मूवमेंट” नाम से एक खास कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कार्यक्रम से जुड़े लोग, समुदाय के सदस्य और भागीदार एक साथ आए, ताकि एन आई आई टी फाउंडेशन और महिंद्रा फाइनेंस के आपसी सहयोग से चलाए जा रहे वित्तीय साक्षरता और डिजिटल समावेश के प्रयासों के सकारात्मक प्रभाव को दिखाया जा सके।
एन आई आई टी फाउंडेशन उत्तर प्रदेश के आगरा, मथुरा, बदायूं, बस्ती और लखनऊ में सक्रिय रूप से कार्यरत सी एस आर कार्यान्वयन भागीदारों में से एक है। पिछले दो सालों में एन आई आई टी फाउंडेशन ने लगभग 84,250 लोगों को प्रशिक्षण दिया है। इस कार्यक्रम की एक बड़ी उपलब्धि 66,225 से ज़्यादा डीजी लाकर खाते बनाना रहा है। इससे लोगों को आधार, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ सुरक्षित रूप से संग्रहित करने में मदद मिलती है। यह पहल लोगों को सरकार की ज़रूरी कल्याणकारी योजनाओं जैसे जन धन योजना, आयुष्मान भारत, ई-श्रम, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ उठाने में सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के बारे में जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा देकर यह पहल सभी प्रतिभागियों के को अपना भविष्य सुरक्षित करने में मदद करती है, साथ ही स्थानीय समुदाय के लिए लंबे समय के आर्थिक लाभ भी लाती है।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति में इस पहल की प्रमुख उपलब्धियों, पहुंच और कार्यक्रम की जगहों पर इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला गया। हितधारकों ने आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने और समुदायों को सोच-समझकर वित्तीय फैसले लेने में मदद करने के लिए वित्तीय साक्षरता के महत्व पर चर्चा की।
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख क्षण लाभार्थियों द्वारा अपनी सफलता की कहानियाँ साझा करना था। प्रतिभागियों ने बताया कि कैसे वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल वित्तीय उपकरणों और सरकारी योजनाओं पर मिले मार्गदर्शन ने उन्हें बेहतर वित्तीय निर्णय लेने और नए मौकों को भुनाने में मदद की। इस कार्यक्रम में एक वितरण समारोह भी हुआ। इसमें प्रतिभागियों को इस पहल में उनकी भागीदारी को सम्मानित करने के लिए प्रमाण-पत्र और व्यक्तिगत स्वच्छता किट प्रदान किए गए।
एन आई आई टी फाउंडेशन के साझेदारी और संचार के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम कुमार ने कहा, “आर्थिक सशक्तिकरण और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए वित्तीय साक्षरता बहुत महत्वपूर्ण होती है। ‘धन संवाद’ जैसी पहलों के जरिए हमारा लक्ष्य वंचित समुदायों में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें जागरूक करना है ताकि वह अपने वित्तीय फैसला समझदारी से ले सके और औपचारिक वित्तीय प्रणाली में सक्रिय रूप से भागीदारी कर सकें।”
महिंद्रा फाइनेंस के सी एस आर के सहायक उपाध्यक्ष विशाल भानुशाली ने बताया, “महिंद्रा फाइनेंस में हमारा मानना है कि वास्तविक वित्तीय समावेशन जागरूकता और समझ के साथ शुरू होता है। एन आई आई टी फाउंडेशन के साथ हमारी साझेदारी का उद्देश्य समुदायों तक जमीनी स्तर पर पहुंच कर लोगों को जानकारी और वित्तीय उपकरणों से लैस करने में मदद करना है ताकि ऐसे लोग अपने वित्तीय फैसले समझदारी से ले सकें।”