आज के समय में ठगी की कोशिशें केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं हैं। जालसाज अब फोन कॉल, एसएमएस, मैसेजिंग ऐप्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ईमेल जैसे कई माध्यमों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। धोखेबाज अक्सर लोगों में घबराहट और जल्दबाज़ी की भावना पैदा करते हैं। वे यह कहकर उन्हें भ्रमित करते हैं कि उनका बैंक खाता बंद होने वाला है, केवाईसी (KYC) अपडेट करना जरूरी है या कोई महत्वपूर्ण भुगतान तुरंत करना होगा। कई मामलों में लोगों को फर्जी वेबसाइटों पर भेजा जाता है, जहां उनकी बैंकिंग जानकारी, कार्ड विवरण, पासवर्ड और वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जैसी संवेदनशील जानकारियां चुरा ली जाती हैं। इन जानकारियों का इस्तेमाल बाद में अनधिकृत लेनदेन करने या बैंक खातों तक पहुंच हासिल करने के लिए किया जाता है। डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए नियामक संस्थाएं, वित्तीय संस्थान और दूरसंचार कंपनियां इस पर रोक लगाने के लिए लगातार कदम उठा रही हैं।