सभी 12 सीएचसी पर मिनी एनआरसी शुरू

कुपोषण स्तर में सुधार लाने के लिए जिलाधिकारी ने लिया निर्णय

पहले दिन सीएचसी हाथी बाजार में भर्ती हुये चार बच्चे, मिला उपचार

सभी मिनी एनआरसी पर 5-5 बेड आरक्षित, 24 घंटे मिलेगी सेवा

वाराणसी। जनपद में बच्चों के कुपोषण स्तर में सुधार लाने के लिए विविध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम की पहल पर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) पर शनिवार से लघु पोषण पुनर्वास केन्द्र (मिनी एनआरसी) की शुरुआत हुई। इन मिनी एनआरसी में 5-5 बेड आरक्षित हैं। वहीं पहले दिन आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के हाथी बाजार सीएचसी पर चार बच्चे भी भर्ती किए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि जनपद में कुपोषण घटाने के लिए जिलाधिकारी ने सभी 12 सीएचसी पर मिनी एनआरसी शुरू करने का फैसला किया। इसी क्रम में सीएचसी चोलापुर, सीएचसी अराजीलाइन, सीएचसी नरपतपुर (चिरईगांव), सीएचसी गंगापुर (पिंडरा), सीएचसी हाथी बाजार (सेवापुरी), सीएचसी मिसिरपुर (काशी विद्यापीठ), सीएचसी पुआरीकला (हरहुआ), सीएचसी विरांवकोट (बड़ागांव), शहरी सीएचसी दुर्गाकुंड, काशी विद्यापीठ, शिवपुर और चौकाघाट पर मिनी एनआरसी शुरू हुई है। स्वास्थ्य केन्द्रों के अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी इसके प्रभारी होंगे। वहां के सफल संचालन की प्रतिदिन मॉनिटोरिंग करेंगे। साथ ही वहां तैनात पीडियाट्रिक्स, चिकित्साधिकारी और स्टाफ नर्स भर्ती बच्चों की 24 घंटे सातों दिन देखरेख करेंगे।
नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ एके मौर्य ने बताया कि मिनी एनआरसी को चिकित्सीय व स्वास्थ्य सुविधाओं से पूर्ण रूप से व्यवस्थित किया गया है। यहां अधिकतम 12 वर्ष तक के ऐसे कुपोषित बच्चों को भर्ती किया जाएगा जो सामान्य बीमारी जैसे मौसमी बीमारी, बुखार, निमोनिया, डायरिया, पीलिया आदि से ग्रसित हैं । मिनी एनआरसी में इन बच्चों को अधिकतम 10 दिन तक भर्ती किया जाएगा। स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा। इसका फॉलोअप आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता करेंगी। डॉ मौर्य ने बताया कि पहले दिन सीएचसी हाथी बाजार में भर्ती किए गए 3-5 वर्ष तक के बच्चों में मौसमी बीमारी जैसे उल्टी, दस्त, निमोनिया, सांस लेने में तकलीफ की समस्या देखी गई । सभी बच्चों की आवश्यक जांच के साथ उपचार दिया गया और दवा भी दी गई। साथ ही बच्चों के परिजनों को देखभाल परामर्श भी दिया गया।

About Author

error: Content is protected !!