कज्जाकपुरा के निकट निर्माणाधीन रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण कार्य दिसम्बर तक पूर्ण होगा
वाराणसी। जी०टी० रोड बौलिया-लहरतारा से फुलवरिया जे०पी० मेहता इण्टर कालेज से बाया सेन्ट्रल जेल शिवपुर चुंगी मार्ग पर 4 लेन के सेतु का निर्माण कार्य की पुनरीक्षित स्वीकृति रू0 88.46 करोड़ का स्वीकृति हुई थी, रेलवे पोर्शन की लागत में वृद्धि के कारण कुल लागत रू० 93.15 करोड़ है।
उक्त के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए उप परियोजना प्रबन्धक एस०के० निरंजन ने बताया कि यह सेतु रेलवे द्वारा पूर्णता वित्त पोषित
है। रेलवे विभाग से माह नवम्बर, 2022 तक रू0 89.51 करोड़ रूपये प्राप्त हुए है। क्रासिंग तथा लहरतारा चौराहे के मध्य अतिरिक्त लेन हेतु भूमि अधिग्रहण तथा संरेखण में आ रहे भवनों के ध्वस्तीकरण के विरूद्ध भू-स्वामियों द्वारा उच्च न्यायालय में वाद दाखिल कर स्थगन आदेश प्राप्त करने के कारण भूमि अध्याप्ति का कार्य बाधित है। रेलवे पोर्शन में स्टील गर्डर लॉचिंग कार्य के लिये डिफेंस से 19 दिसम्बर को समन्वय स्थापित कर मौखिक रूप से कार्य करने की अनुमति प्राप्त हो गयी है। इरेक्शन का कार्य प्रगति में है। सेतु का निर्माण कार्य माह नवम्बर, 2022 तक रू. 72.62
करोड़ व्यय करते हुए भौतिक प्रगति 81 प्रतिशत प्राप्त कर ली गयी है। कार्य को माह मार्च, 2023 तक हर सम्भव प्रयास कर पूर्ण कर लिया जायेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि वाराणसी सिटी- सारनाथ रेलमार्ग पर कज्जाकपुरा के निकट रेलवे सम्पार संख्या-23ए पर रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण कार्य की पुनरीक्षित स्वीकृति कुल लागत रू० 144.52 करोड़ सेतु अंश रू0 139.85 करोड़ की हुई है। सेतु के संरेखण में सीवर लाइन, विद्युत लाइन, पेयजल पाइप लाइन, गंगा प्रदूषण की पाइप लाइन शिपिटंग एवं जमींन उपलब्ध न होने के कारण कार्य बाधित रहा है, सेतु के संरेखण में आ रही भूमि मापी का कार्य कराया गया था, परन्तु कास्तकारो द्वारा पुनः भूमि मापी कराने की मांग की है, जिसकी पुनः भूमि मापी की कार्यवाही प्रगति में है। सेतु के संरेखण में कब्रिस्तान एवं
मस्जिद की जमीन आ रही है, जिसका आपसी समझौते के आधार पर कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में स्थान की उपलब्धता के अनुसार निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति में है।उन्होंने बताया कि नवम्बर तक रू0 44.27 करोड़
व्यय करते हुए भौतिक प्रगति 23 प्रतिशत है। पूर्ण करने का लक्षित तिथि मार्च, 2024 है, जिसे दिसम्बर, 2023 तक पूर्ण करने का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है।