मुंबई/जयपुर : एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के निदेशक मंडल ने आज आयोजित अपनी बैठक में 30 जून 2025 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी।वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ऋण वृद्धि धीमी रही और बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती का लाभ पहुँचाने के कारण शुद्ध ब्याज मार्जिन में कमी आने लगी। आरबीआई ने नीतिगत दरों में कुल मिलाकर 100 आधार अंकों की कटौती की है, जिससे नीतिगत माहौल अनुकूल है और अतिरिक्त तरलता के साथ-साथ आगामी सीआरआर कटौती से जमा वृद्धि में और बढ़ोतरी और वित्तपोषण लागत में कमी आने की उम्मीद है। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संस्थापक, एमडी और सीईओ, श्री संजय अग्रवाल ने परफॉर्मंस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। एक ओर, नीतिगत माहौल अनुकूल हो गया है—मुद्रास्फीति में कमी, अतिरिक्त तरलता, आगामी सीआरआर कटौती, राजकोषीय विवेकशीलता बनाए रखने और अच्छे मानसून की उम्मीदों के साथ और भी स्थिति सुधरेगी। दूसरी ओर, आर्थिक गति असमान बनी हुई है, और विभिन्न क्षेत्रों में मांग में सुधार के संकेत अभी भी दिखाई दे रहे हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता जोखिम पैदा करती रहती है, लेकिन भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था एक मजबूत संतुलन प्रदान करती है।एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में, हम सतर्क रूप से आशावादी बने हुए हैं। हमारा ध्यान ग्राहक संबंधों को गहरा कर, अपने वितरण क्षेत्र का विस्तार कर और शार्प क्रेडिट अनुशासन बनाए रखते हुए एक स्थायी, व्यापक-आधारित फ्रैंचाइज़ी बनाने पर है। हमने मौसमी रूप से कमजोर तिमाही में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसमें जमा, परिसंपत्तियों और लाभप्रदता में स्थायी वृद्धि दिखाई गई है। हमारा मानना है कि जैसे-जैसे आर्थिक चक्र मजबूत होता है, एयू निकट अवधि की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में रहेगा, साथ ही एक ऐसे फॉरेवर बैंक के निर्माण के अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध है जो वास्तव में स्थिरता के साथ विस्तार कर सके।”