वर्ल्ड डायबिटीज डे: अपने रोज़ाना आहार में एक मुट्ठी कैलिफ़ोर्निया बादाम शामिल करें, यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

वर्ल्ड डायबिटीज डे हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य डायबिटीज के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सभी के लिए उपचार को सुलभ बनाना है। इस साल की थीम “डायबिटीज इन द वर्कप्लेस” है, जो कामकाजी लोगों के लिए मधुमेह को समझने और उसे सही तरीके से संभालने के महत्व पर ज़ोर देती है।
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग अक्सर ऐसे खाद्य पदार्थ खाते हैं जो ज्यादा प्रसंस्कृत होते हंग और जिनमें चीनी व रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। यही आदतें मधुमेह जैसी बीमारियों को बढ़ावा दे रही हैं। भारत, जिसे “डायबिटीज की राजधानी” कहा जाता है, अब इस समस्या से गंभीर रूप से जूझ रहा है। इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के एक हालिया अध्ययन के मुताबिक देश में 101 मिलियन लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं और 136 मिलियन लोग प्री-डायबिटिक हैं।
संतुलित आहार ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और दिन की शुरुआत पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों के साथ करने से सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बादाम, जिनमें 15 आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हैं, — जैसे प्रोटीन, अनसैचुरेटेड फैट्स और आहार फाइबर — ब्लड शुगर के स्वस्थ नियंत्रण में सहायक होते हैं। रिसर्च से पता चला है कि बादाम न केवल स्वस्थ ब्लड शुगर स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं, बल्कि टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में ग्लूकोज़ नियंत्रण को भी बेहतर बनाते हैं तथा कार्बोहाइड्रेट-युक्त भोजन के बाद ब्लड शुगर के स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करते हैं। इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो विशेष रूप से टाइप 2 डायबिटीज वाले व्यक्तियों के लिए लाभकारी हैं।
नई दिल्ली स्थित फोर्टिस सी-डॉक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर डायबिटीज, मेटाबॉलिक डिज़ीज़ेज़ एंड एंडोक्रिनोलॉजी के प्रोफेसर और चेयरमैन डॉ. अनूप मिश्रा के नेतृत्व में किए गए हालिया अध्ययन में पाया गया कि भोजन से पहले बादाम का सेवन प्री-डायबिटीज और मोटापे से ग्रस्त एशियाई भारतीयों में ब्लड शुगर नियंत्रण को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाता है। अपनी पोषक समृद्धता और बहुपयोगी गुणों के कारण बादाम दैनिक भोजन और स्नैक्स में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं, जो समग्र मेटाबॉलिक हेल्थ को समर्थन देते हैं।
न्यूट्रिशन एंड वेलनेस कंसल्टेंट शीला कृष्णस्वामी ने कहा, “डायबिटीज भारत में सबसे व्यापक नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़ में से एक है, जो मुख्य रूप से असंतुलित खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण बढ़ रही है। इस वर्ल्ड डायबिटीज डे पर, मैं सभी से आग्रह करती हूँ कि अपने भोजन के प्रति सजग रहें। रोज़मर्रा के आहार में बादाम, सब्ज़ियाँ, स्प्राउट्स और ताज़े फलों जैसे पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने से ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। बादाम प्रोटीन, अनसैचुरेटेड फैट्स और फाइबर से भरपूर होते हैं तथा इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, यानी ये ब्लड शुगर में अचानक वृद्धि नहीं होने देते। दिन की शुरुआत एक मुट्ठी बादाम से करने से ऊर्जा स्तर में सुधार, भूख पर नियंत्रण और प्रोसेस्ड फूड्स पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है।”
मैक्स हेल्थकेयर, दिल्ली की रीजनल हेड – डाइटेटिक्स, ऋतिका समद्दार ने कहा, “लाइफ़स्टाइल और खानपान की आदतें डायबिटीज के प्रमुख कारणों में से हैं। एक संतुलित आहार, जिसमें दालें, कैलिफ़ोर्निया बादाम जैसे नट्स, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और साबुत अनाज शामिल हों, ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी को रोकने में मदद करता है।

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