उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने में मदद करेगी सेवलाइफ फाउंडेशन और टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की पहल

प्रयागराज: प्रयागराज में आपातकालीन आघात देखभाल (ट्रॉमा केयर) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के सहयोग से जसरा और चाका स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में आपातकालीन देखभाल उपकरण सौंपे।
जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) कार्यक्रम के तहत शुरू की गई एक पहल के तहत, उन्नत आपातकालीन देखभाल उपकरण दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सड़क दुर्घटना पीड़ितों और अन्य आपातकालीन आघात मामलों के लिए, विशेष रूप से दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण ‘गोल्डन आवर’ के दौरान, एक आघात स्थिरीकरण सुविधाओं के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाएँगे।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत, बुधवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जसरा की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अंकिता पांडे, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी प्रमुख श्री देवांग पंड्या और सेवलाइफ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति रही।।
कार्यक्रम के दौरान प्रयागराज के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. आर. सी. पांडेय ने कहा, “सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती घंटों में उचित आघात देखभाल से रोगी के स्वास्थ्य में काफी सुधार हो सकता है। जसरा और चाका स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन देखभाल उपकरणों को उन्नत करने के लिए हम सेवलाइफ फाउंडेशन के आभारी हैं। हमें विश्वास है कि इस पहल से हमारी स्वास्थ्य देखभाल टीम की क्षमताएँ मजबूत होंगी और वे आपातकालीन आघात मामलों को अधिक प्रभावी ढंग से संभालने में सक्षम होंगे।”
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष और सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी प्रमुख श्री देवांग पंड्या ने कहा, “सड़क सुरक्षा के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जो रोकथाम से परे जाकर दुर्घटना के बाद की मजबूत प्रतिक्रिया प्रणालियों को भी शामिल करे। सेवलाइफ फाउंडेशन के साथ साझेदारी में इस सीएसआर पहल के माध्यम से हम जमीनी स्तर पर आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करने और सभी के लिए सुरक्षित सड़कों में योगदान देने वाले उपायों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ श्री पीयूष तिवारी ने कहा, “सड़क हादसों में जान बचाने के लिए, जिला स्तर पर आपातकालीन देखभाल को मज़बूत करना बेहद जरूरी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) की ट्रॉमा केयर क्षमताओं को उन्नत करने की पहल से यह सुनिश्चित होगा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटनास्थल के नज़दीक ही समय पर और उचित देखभाल मिले। जीरो-फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम के तहत यह पहल रोकी जा सकने वाली मौतों को कम करने और अधिक प्रभावी आपातकालीन देखभाल प्रणाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
आपातकालीन चिकित्सा उपकरण घटनास्थल के निकट ही त्वरित उपचार सुनिश्चित करेंगे, जिससे जसरा, चाका एवं आसपास के क्षेत्रों में पीड़ितों की जीवनरक्षा की संभावनाएँ बढ़ेंगी। यह उन्नयन सुनिश्चित करेगा कि सीएचसी में पहुँचने वाले ट्रॉमा मरीजों को उच्च केंद्र में उपचार के लिए भेजे जाने से पहले समय पर स्थिरीकरण और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।

पिछले चार वर्षों, अर्थात् 2022-2025 में, सीएचसी जसरा ने 188 सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों में मरीजों को उपचार प्रदान किया, जिनमें से 96 घातक दुर्घटनाएँ थीं तथा जिससे 104 लोगों की मृत्यु हुई। इसी अवधि के दौरान, सीएचसी चाका ने 776 सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों में मरीजों को उपचार प्रदान किया, जिनमें से 184 घातक दुर्घटनाएँ थीं तथा जिससे 205 लोगों की मृत्यु हुई।

इस पहल के साथ, सेवलाइफ फाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश और पूरे भारत में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को बेहतर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। समय पर और प्रभावी ट्रॉमा देखभाल तक पहुँच सुधारने पर ध्यान केंद्रित करके, यह पहल व्यक्तियों, परिवारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली कुल मृत्यु भार को कम करेगी।

About Author

error: Content is protected !!