एचएसबीसी म्यूचुअल फंड ने भारत में अपने पहले एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) लॉन्च किए

एचएसबीसी म्यूवचुअल फंड ने भारत में अपने पहले एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के रूप में एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ और एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ फिजिकल गोल्डअ या सोने से जुड़े साधनों में निवेश करेगा, जबकि एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड, एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ की यूनिट्स में निवेश करेगा। इन दोनों योजनाओं का न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) इस सप्ताह सब्सफक्रिप्श्न के लिए खुल रहा है।

एनएफओ की अवधि :
• एचएसबीसी गोल्डफ ईटीएफ – 16 से 18 मार्च 2026
• एसएसबीसी गोल्डफ ईटीएफ फंड ऑफ फंड – 19 से 25 मार्च 2026

दोनों फंड का प्रबंधन दीपन पारिख करेंगे। एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ मुख्य रूप से भौतिक सोने में निवेश करेगा और इसकी प्रदर्शन तुलना घरेलू सोने की कीमतों से की जाएगी। वहीं एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड, एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ की यूनिट्स में निवेश करेगा। ये दोनों फंड निवेशकों को सोने में निवेश का आसान और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करते हैं।
लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए कैलाश कुलकर्णी, सीईओ, एचएसबीसी म्यूचुअल फंड ने कहा, “सोना भारतीय परिवारों में हमेशा से अहम स्थान रखता है और अब इसे पोर्टफोलियो में एक महत्वपूर्ण एसेट एलोकेशन के रूप में भी देखा जा रहा है। यह बाजार की अस्थिरता के समय पोर्टफोलियो को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। हमारे गोल्ड ईटीएफ के जरिए निवेशक फिजिकल गोल्डो को संभालने या सुरक्षित रखने की चिंता किए बिना सोने में निवेश कर सकते हैं। इससे निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को अधिक संतुलित बनाने और वित्तीय लक्ष्यों को आत्मविश्वास के साथ हासिल करने में मदद मिल सकती है।”

वहीं, वेणुगोपाल मंघत, सीआईओ – इक्विटी, एचएसबीसी म्यूचुअल फंड ने कहा, “सोने का इक्विटी जैसे अन्य एसेट क्लास के साथ कम संबंध रहा है, इसलिए यह पोर्टफोलियो में विविधता लाने और बाजार की अस्थिरता के समय सुरक्षा देने में उपयोगी हो सकता है। सोने में अनुशासित निवेश पोर्टफोलियो के जोखिम को संतुलित रखने और लंबी अवधि की स्थिरता में मदद कर सकता है। एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड के जरिए हम निवेशकों को घरेलू सोने की कीमतों में भागीदारी का एक सरल और प्रभावी विकल्प दे रहे हैं।”

एनएफओ अवधि के दौरान निवेशक न्यूनतम 5,000 रुपये से निवेश कर सकते हैं और उसके बाद 1 रुपये के गुणक में निवेश बढ़ा सकते हैं। एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ का निवेश उद्देश्य खर्चों से पहले घरेलू सोने की कीमतों के प्रदर्शन को ट्रैक करते हुए रिटर्न देने का है, हालांकि इसमें ट्रैकिंग एरर संभव है। वहीं एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड का उद्देश्य एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ के अनुरूप रिटर्न प्रदान करना है।

एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ का कारोबार एनएसई और बीएसई पर किया जाएगा। दूसरी ओर, एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड में निवेशक एसेट मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से लंपसम, एसआईपी, एसआईपी टॉप-अप, एसटीपी और एसडब्लूटपी जैसे विकल्पों के जरिए सीधे निवेश कर सकते हैं।

एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ अपनी कुल परिसंपत्तियों का कम से कम 95 प्रतिशत हिस्सा सोने या सोने से जुड़े साधनों में निवेश करेगा और अधिकतम 5% हिस्सा मनी मार्केट सिक्योरिटीज* में रख सकता है।

वहीं एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड अपनी कुल परिसंपत्तियों का कम से कम 95 प्रतिशत हिस्सा एचएसबीसी गोल्ड ईटीएफ की यूनिट्स में निवेश करेगा और अधिकतम 5 प्रतिशत हिस्सा डेट या मनी मार्केट सिक्योरिटीज/फंड्स में रख सकता है। यह स्कीम सोने की मौजूदा कीमत या भविष्य के अनुमान की परवाह किए बिना अपने अंडरलाइंग स्कीम में निवेश बनाए रखेगी।

गोल्ड ईटीएफ में निवेश क्यों करें
• अस्थिरता से बचाव: सोने का अन्य एसेट क्लास से कम संबंध होने के कारण यह बाजार की अस्थिरता के समय सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
• बेहतर पोर्टफोलियो संतुलन: सही एसेट मिश्रण लंबे समय में बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद कर सकता है।

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