उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर के जेवर की यमुना सिटी में लगभग 6,750 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुये केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जेवर आने वाले वर्षों में देश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस अत्याधुनिक प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) का लगभग 40,000 करोड़ रुपये का आयात भारत करता था, उसका निर्माण अब देश में ही होगा और इसकी शुरुआत जेवर से होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का आधार प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) है, जिसमें अत्यंत जटिल बहु-स्तरीय (मल्टी-लेयर) सर्किट तकनीक का उपयोग होता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस उच्च तकनीक का निर्माण भारत में होने से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिलेगी।
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर के बाद अब जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की अनेक नई परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में स्थापित होंगी और राज्य देश के अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित होगा।
दिल्ली – लखनऊ – वाराणसी – पटना – सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का जिक्र करते हुये केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा स्वीकृत बुलेट ट्रेन परियोजना उत्तर प्रदेश के परिवहन परिदृश्य में ऐतिहासिक बदलाव लाएगी। इसके संचालन के बाद दिल्ली से लखनऊ की यात्रा लगभग 2 घंटे 10 मिनट तथा जेवर से लखनऊ की यात्रा मात्र 1 घंटा 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार को नई गति प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) में स्थापित होने वाली पहली औद्योगिक इकाई की भी आधारशिला रखी। केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित किये जा रहे 206 एकड़ क्षेत्रफल के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का विकास लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार का 144 करोड़ रुपये का योगदान है। यह क्लस्टर उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।