एचडीएफसी बैंक अब कैपिटल गेन्स अकाउंट्स स्कीम – 1988 के तहत डिपॉजिट की दे रहा है सुविधा

मुंबई: भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंक,एचडीएफसी बैंक को सरकार से कैपिटल गेन्स अकाउंट्स स्कीम (सीजीऐएस) 1988 के तहत डिपॉजिट स्वीकार करने की अनुमति मिल गई है। सीजीऐएस करदाताओं को अपने इस्तेमाल न किए गए कैपिटल गेन्स को बैंक खाते में अधिकतम तीन साल तक रख सकने की सुविधा देती है।सीजीऐएस के ज़रिए, वे करदाता जो इनकम टैक्स फाइल करने की समय-सीमा से पहले अपना री-इन्वेस्टमेंट (पुनः निवेश) पूरा नहीं कर पाते हैं, वे बैंक की शहरी और अर्ध-शहरी शाखाओं, ग्रामीण शाखाओं को छोड़कर, में बचत खाता (ऐ) और फिक्स्ड डिपॉजिट (बी) खोल सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट की संबंधित धारा के अनुसार, वे न केवल टैक्स छूट का लाभ उठा सकेंगे, बल्कि अपने डिपॉजिट पर अधिकतम तीन साल तक ब्याज भी कमा सकेंगे। एचडीएफसी बैंक में ‘गवर्नमेंट एंड इंस्टीट्यूशनल लायबिलिटीज, न्यू इकॉनमी ग्रुप और अल्टरनेट बैंकिंग चैनल्स एंड पार्टनरशिप’ की प्रमुख, सुश्री सुनाली रोहरा ने कहा, “हम भारत सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने सीजीऐएस को लागू करने के लिए हम पर एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में विश्वास जताया है। इस सुविधा के ज़रिए, ग्राहक अपने इस्तेमाल न किए गए कैपिटल गेन्स पर ब्याज भी कमा सकते हैं और टैक्स छूट का लाभ भी उठा सकते हैं। हम अपने ग्राहकों को आमंत्रित करते हैं कि वे हमारे व्यापक ब्रांच नेटवर्क और डिजिटल क्षमताओं का उपयोग करके अपने इस्तेमाल न किए गए कैपिटल गेन्स को सुरक्षित रूप से हमारे पास जमा करें।” फिलहाल, भारत के सभी निवासी सीजीऐएस के तहत बैंक में जमा सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

सीजीऐएस के तहत एचडीएफसी बैंक में डिपॉजिट की मुख्य विशेषताएं –

• आसान डिपॉजिट: ग्राहक एनईएफटी, आरटीजीएस, फंड ट्रांसफर, आईएमपीएस और यूपीआई के ज़रिए ऑनलाइन या बैंक शाखा में जाकर पैसे जमा कर सकते हैं।

• जीरो बैलेंस की सुविधा: बचत खाते में जीरो बैलेंस की सुविधा है और कोई ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लगता है।

• तिमाही ब्याज भुगतान: डिपॉजिट रखने वालों को फिक्स्ड डिपॉजिट और बचत खाते, दोनों पर तिमाही आधार पर ब्याज मिलेगा।

• केवल ‘देखने’ (व्यू-ओनली) की डिजिटल सुविधा: डिपॉजिट रखने वालों को नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के ज़रिए खाते को केवल ‘देखने’ (व्यू-ओनली) की सुविधा मिलेगी।

• अकाउंट ट्रैकिंग: खाताधारकों को बचत खाते को ट्रैक करने के लिए पासबुक और फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए एडवाइस (डिटेल स्टेटमेंट) मिलेगी।

यह सुविधा निम्नलिखित संपत्तियों के हस्तांतरण से होने वाले ‘कैपिटल गेन्स’ (पूंजीगत लाभ) पर लागू होती है:
• आवासीय संपत्ति (अपार्टमेंट / इमारत / ज़मीन)
• कृषि भूमि
• आवासीय संपत्ति के अलावा कोई अन्य पूंजीगत संपत्ति (कैपिटल एसेट)
• अनिवार्य अधिग्रहण (कंपल्सरी एक्वीजीशन) के ज़रिए हस्तांतरित की गई, किसी औद्योगिक उपक्रम का हिस्सा रही ज़मीन या इमारत
• शहरी क्षेत्र से गैर-शहरी क्षेत्र में स्थानांतरित की गई औद्योगिक संपत्तियां (प्लांट, मशीनरी, ज़मीन या इमारत)
• शहरी क्षेत्र से विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईज़ेड) में स्थानांतरित की गई औद्योगिक संपत्तियां (प्लांट, मशीनरी, ज़मीन या इमारत)

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