हैण्डलूम बनारसी संरक्षण संघ द्वारा विगत आठ वर्षों से हैण्डलूम संरक्षण एवं उन्नयन का कार्य किया जा रहा है आज का हथकरघा बुनकर बदहाली की जिंदगी जी रहा है जब कि हथकरघा की कला आज धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है और उसके कारीगर आर्थिक बदहाली में जी रहे है जिसके लिए कोई आगे नही आ रहा है। संघ द्वारा उनके जीविकोपार्जन और आर्थिक बदहाली को दूर करने लिए तथा सही हथकरघा की पहचान के लिए एक वर्कशाप का आयोजन दिनांक 21 दिसम्बर को हनुमान प्रसाद पोधार अंध विद्यालय, दुर्गाकुण्ड में अपरान्ह 12.00 बजे से 4.00 बजे तक किया जा रहा है जिसका उद्घाटन वाराणसी के मण्डलायुक्त श्री कौशल राज शर्मा जी के द्वारा किया जा रहा है।
उक्त वक्तव्य हैण्डलूम बनारसी संरक्षण संघ की प्रबन्ध निदेशिका डॉ० समता पाण्डेय ने आज पराड़कर भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में पत्र प्रतिनिधियों से कही। उन्होने कहा कि बहुत जल्द सरकार से इस सम्बन्ध में बात करके उनके बदहाली और उनके पुर्नस्थापन हेतु प्रयास किया जायेगा, विदित हो कि हैण्डलूम बनारसी संरक्षण संघ विगत आठ वर्षो से इस क्षेत्र में कार्य कर रहा है इसका मुख्यालय दिल्ली में स्थित है और पचास हजार सदस्यों वाले इस संघ में वर्तमान में दस हजार सक्रिय सदस्य विभिन्न जिलों और प्रदेशों में सक्रिय है।