पी० एम० पोषण योजना अंतर्गत मशरूम का एकीकरण कर किसान सशक्तिकरण की दिशा में अनोखी पहल

जनपद वाराणसी में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विध्यालयों में मध्यान भोजन योजना अंतर्गत मशरूम आपूर्ति हेतु टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (BMGF), कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश के समर्थन द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग एवं कृषक उत्पादक संगठन एवं औद्यानिक विपणन सहकारी समीति लिमिटेड एफ०पी०ओ० के बीच एम.ओ.यू हस्ताक्षरित किया गया।

इसके अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी एवं अपर प्राइमरी विद्यालय के बच्चों को मीड-डे-मील योजना में पोषण दृष्टी से सप्ताह में एक दिन मशरूम उपलभ्ध कराया जायेगा। मशरूम में पोष्टिक तत्वों की प्रचूरता होती है, अतः इसके मध्यान भोजन में सम्मिलित होने से बच्चों को पोष्टिक आहार भी मिलेगा वही किसानों की आय दोगुनी होगी। जिले में किसानों द्वारा उत्पादित मशरूम की आपूर्ति एफ०पी०ओ० द्वारा विद्यालयों को की जाएगी। इसके साथ ही साथ एफ०पी०ओ० मशरूम का मूल्य संवर्धन करते हुए सदस्यों को बेहतर मार्केट दिलाने में प्रमुख भूमिका निभएगी तथा किसानो के लिए पारम्परिक खेती के अलावा भी आय के अन्य स्त्रोतों का सृजन संभव हो सकेगा।

इस पहल के माध्यम से एफ०पी०ओ० के सदस्य किसानो की आजीविका संवर्धन हेतु अभिनव पहल मुख्य विकास अधिकारी हिमाँशु नागपाल के दिशानिर्देश में की गयी । मुख्य विकास अधिकारी ने इस योजना को पारदर्शी तरीके से संचालित करने का निर्देश दिया और कहा की मशरूम में पोष्टिक तत्वों की प्रचूरता होती है, अतः इसके मध्यान भोजन में सम्मिलित होने से बच्चों को पोष्टिक आहार भी मिलेगा वही किसानों की आय दोगुनी होगी।

जिले में किसानों द्वारा उत्पादित मशरूम की आपूर्ति एफ०पी०ओ० द्वारा विद्यालयों को की जाएगी। इसके साथ ही साथ एफ०पी०ओ० मशरूम का मूल्य संवर्धन करते हुए सदस्यों को बेहतर मार्केट दिलाने में प्रमुख भूमिका निभएगी। प्रथम चरण में योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले के काशी विद्यापीठ ब्लाक से की जाएगी तथा काशी विद्यापीठ ब्लाक को ‘मशरूम ब्लॉक’ के रूप में विकसित किये जाने की भी योजना है। ब्लाक में योजना के सफल सञ्चालन के उपरांत जिले के अन्य विकास खण्डों में भी मशरूम आपूर्ति पर विचार किया जायेगा। अतः किसानों को रोजगार का अवसर प्रदान करते हुए काशी विद्यापीठ ब्लाक के चयनित 25 विद्यालयो के 8000 से अधिक बच्चों को पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से लाभान्वित किया जायेगा ।

इस मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अमीत पाठक ने कहा कि इस पहल से विद्यालय में बच्चों के अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद की जाती है तथा इसके सकारात्मक परिणाम के उपरांत इसके उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जायेगा। जिसके आधार पर इसे जनपद के समस्त विकास खण्डों में संचालित करने पर विचार किया जायेगा।
इस मौके पर बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन, कृषि विभाग तकनीकी सपोर्ट इकाई की टीम ने कहा की किसान शशक्तिकरण की दिशा में तकनिकी सप्पोर्ट देकर किसानो को पारंपरिक खेती के साथ मशरुम उत्पादन कर के आमदनी बढ़ाने की योजना है।
उक्त अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हिमाँशु नागपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी- अमीत पाठक, आशीष (DC-MDM), FPO से अमित सिंह एवं अनिल कुमार सिंह एवं बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF), कृषि विभाग तकनीकी सपोर्ट इकाई से प्रदीप कुमार, शैबाल पाल, पद्मांक जानी आदि उपस्थित थे

About Author

error: Content is protected !!