वाराणसी
कल गुरुवार 2 फरवरी की रात को कैंट थाना अंतर्गत फुलवरिया में सेना के फायरिंग रेंज के पास, काशी कुष्मांड मंदिर पर रामचरितमानस के पाठ में रात 10:00 बजे के बाद भी लाउडस्पीकर बज रहा था जिसके कारण आसपास के लोग सो नहीं पा रहे थे। इसके बाद किसी स्थानीय व्यक्ति ने ‘सत्या फाउंडेशन’ के हेल्पलाइन नंबर 9212735622 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई कि उक्त धार्मिक लाउडस्पीकर को नियमानुसार स्विच ऑफ कराया जाए। इसके बाद संस्था द्वारा पुलिस को सूचना देने पर पुलिस आई तो जरूर, मगर आवाज़ को केवल कम करा कर चली गई जबकि आवाज को कम कराने का नियम तो दिन के लिए होता है और रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच 100% स्विच ऑफ का नियम है। धार्मिक पाठ के लाउडस्पीकर पर चलने के कारण लोग अभी भी नहीं सो पा रहे थे और एक बार फिर से ‘सत्या फाउंडेशन’ के पास शिकायत आयी। इसके बाद ‘सत्या फाउंडेशन’ के सचिव चेतन उपाध्याय ने संबंधित पुलिस कर्मी (ऑन ड्यूटी) को नियमों की याद दिलाई कि रात में थोड़ी भी आवाज दूर तक पहुंचती है और लाउडस्पीकर का न्यूनतम ध्वनि स्तर भी रात के अधिकतम अनुमन्य ध्वनि स्तर से कहीं ज्यादा होता है, इसी नाते साउंडप्रूफ ऑडिटोरियम को छोड़कर रात्रि 10:00 से सुबह 6:00 के बीच किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर पर 100% स्विच ऑफ का कानून लागू होता है। फिर ये भी बताया कि कानून नहीं मानने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 के अंतर्गत मुकदमा किया जा सकता है (दोषी पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना या 5 साल तक की जेल या एक साथ दोनों सजा हो सकती है)। इसके बाद दोबारा से पुलिस मौके पर गई और उक्त लाउडस्पीकर को नियमानुसार 100% स्विच ऑफ करा दिया गया। पुलिस की इस कार्यवाही से आसपास के लोगों में खुशी देखी गई और इसके बाद ही लोग चैन से सो पाए.