इंडस टावर्स के वृक्षारोपण और आजीविका प्रोग्राम ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जलवायु संरक्षण एवं ग्रामीण समृद्धि को किया प्रोत्साहित

सोनभद्र: दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक, इंडस टावर्स लिमिटेड ने सस्टेनेबल ग्रीन इनिशिएटिव फाउंडेशन (एसजीआईएफ) के सहयोग से, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के ज़रिए पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रामीण आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अपने मुख्य सीएसआर प्रोग्राम ‘प्रगति’ के तहत, इंडस टावर्स ने छोटे और सीमांत किसानों की ज़मीनों पर 60,000 फल वाले पेड़ लगाने में मदद की है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस संसाधन-संवेदनशील क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के सुधार में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

यह प्रोग्राम भारत सरकार के नेशनल एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज और ग्रीन इंडिया मिशन के अनुरूप काम करते हुए सुनिश्चित करता है कि वृक्षारोपण के प्रयास- जलवायु संरक्षण, जैव विविधता में सुधार तथा ग्रामीण स्थायित्व के राष्ट्रीय लक्ष्यों को समर्थन प्रदान करें। वृक्षारोपण के वैज्ञानिक तरीकों, फील्ड की सख्त निगरानी और समुदाय की भागीदारी के ज़रिए यह पहल किसानों के खेतों को फल उगाने वाले बागानों में बदल देती है। इससे उन्हें न सिर्फ लम्बे समय के लिए आजीविका के स्रोत मिलते हैं, बल्कि जलवायु संरक्षण में भी सहयोग मिलता है। कुल मिलाकर ये प्रयास क्षेत्र में पर्यावरण के स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं।

इस पहल पर पर बात करते हुए तेजिन्दर कालरा, सीओओ, इंडस टावर्स लिमिटेड ने कहा, ‘‘इंडस टावर्स में हमारा मानना है कि पर्यावरण की सुरक्षा और ग्रामीण प्रगति दोनों एक साथ जारी रहने चाहिए। सोनभद्र में हमारा वृक्षारोपण अभियान दर्शाता है कि वैज्ञानिक तरीकों से वृक्षारोपण, समुदाय के सहयोग और निरंतर क्षमता निर्माण के द्वारा पारिस्थितिक एवं आर्थिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। छोटे एवं सीमांत किसानों को फल वाले पेड़ लगाने में सहयोग प्रदान कर, हम जलवायु संरक्षण में योगदान दे रहे हैं, साथ ही किसानों को भी गरिमा के साथ स्थायी आजीविका कमाने में सक्षम बना रहे हैं। देश भर में हमारे प्रयास हरित, सशक्त एवं अधिक प्रत्यास्थ समुदायों के निर्माण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।’’

सोनभद्र में वृक्षारोपण अभियान के दौरान किसानों को बागवानी के बेहतर ज्ञान एवं खेती के पर्यावरण अनुकूल तरीकों के साथ सशक्त बनाने पर ज़ोर दिया गया। प्रशिक्षण सत्रों, फील्ड डेमोन्स्ट्रेशन तथा प्रासंगिक सरकारी विभागों के सहयोग से किसानों को मिट्टी की तैयारी, पौधों के पोषण, सिंचाई की योजना एवं बागान प्रबन्धन के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। वहीं दूसरी ओर महिला सदस्यों ने भी खेती के ज़रिए परिवार को सहयोग प्रदान कर तथा समुदाय में पर्यावरण संरक्षण की भावना को बढ़ावा देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस पहल के व्यापक प्रभावों पर रोशनी डालते हुए श्री दुर्गेश रतुरी, डायरेक्टर, सस्टेनेबल ग्रीन इनीशिएटिव फाउन्डेशन ने कहा, ‘‘सोनभद्र में यह प्रोग्राम दर्शाता है कि कैसे सुनियोजित वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता में सुधार लाकर ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के मार्ग प्रशस्त कर सकता है। प्रशिक्षण, सरकारी सहयोग एवं किसान-उन्मुख सुरक्षा उपायों के संयोजन से इंडस टावर्स और एसजीआईएफ ने स्थायी ग्रामीण विकास की मजबूत नींव तैयार की है। जब समुदाय सक्रियता के साथ पर्यावरण संरक्षण में योगदान देते हैं, तो इसके दीर्घकालिक आर्थिक एवं पारिस्थितिक परिणाम ज़रूर मिलते हैं।’

इंडस टॉवर्स ने 2027 तक देश भर में 1 मिलियन पेड़ लगाने और इनके रखरखाव के लिए वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम की एक पहल 1t.org के साथ भी साझेदारी की है।

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