मुंबई: भारत के शहरों में रहने वाले बहुत से लोगों के लिए स्वास्थ्य बीमा कराना खुद को वित्तीय रूप से सुरक्षित करने का एक समाधान है, लेकिन अस्पताल में भर्ती व इलाज की बढ़ती लागत के मद्देजर यह सवाल उठता है कि हमारा स्वास्थ्य बीमा कवर पर्याप्त है या नहीं। यह बढ़ती चिंता इस पहलू पर प्रकाश डालती है कि हमें कॉम्प्रिहेंसिव हैल्थकेयर समाधानों की कितनी आवश्यकता है। हैल्थ अनलिमिटेड के लॉन्च पर फ्यूचर जेनेराली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ अनुप राऊ ने कहा, ’’चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत भारत में बहुत से लोगों के लिए चिंता का कारण है, और यह चिंता स्वास्थ्य बीमा कराने के बावजूद है। हम अपने ग्राहकों के लाइफटाइम पार्टनर के तौर पर यह प्रयास करते हैं कि इन चुनौतियों का समाधान मुहैया कराया जाए, इसलिए हम अपने भारतीय ग्राहकों को उनके मुताबिक समाधान बना कर पेश करते हैं ताकि उन्हें पर्याप्त कवर प्राप्त हो सके। हमारी कॉम्प्रिहेंसिव हैल्थ इंश्योरेंस पेशकश ’हैल्थ अनलिमिटेड’ यह सुनिश्चित करेगी कि अगर कभी हमारे ग्राहकों को बहुत ज्यादा बिल का सामना करना पड़े तब भी उनका कवर बरकरार रहे, फिर चाहे उनका सम इंश्योर्ड समाप्त ही क्यों न हो चुका हो।फ्यूचर जेनेराली इंडिया इंश्योरेंस द्वारा किए गए ऐक्सक्लूसिव सर्वे – हैल्थ अनलिमिटेड में पता लगा है कि हर दस में से आठ से अधिक लोग तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनका स्वास्थ्य बीमा कवर पर्याप्त है या नहीं। यह सर्वेक्षण हाल ही में 25 से अधिक उम्र के 800 लोगों पर किया गया जिन्होंने हैल्थ इंश्योरेंस ले रखा था और इसमें उन लोगों की वर्तमान स्वास्थ्य बीमा कवरेज की पर्याप्तता के बारे में बढ़ती चिंताओं का पता चला।2021 में एशिया में सबसे ज्यादा मेडिकल इन्फ्लेशन भारत में था- लगभग 14 प्रतिशत। जबकि उस साल अन्य एशियाई देशों में यह आंकड़ा इस प्रकार था- चीनः 12 प्रतिशत, इंडोनेशियाः 10 प्रतिशत, वियतनामः 10 प्रतिशत और फिलीपींसः 9 प्रतिशत।