वाराणसी:होंडा मोटरसाइकिल और स्कूटर इंडियाने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सड़क सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक शामिल हुए। यह पहल एचएमएसआईकी चल रही परियोजना “हमारी भावी पीढ़ी के लिए सोच का विकास”का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक उम्र से ही सुरक्षित यातायात आदतें विकसित करना है।सम्मेलन का आयोजन श्री अनुराग दुबे (डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर,डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ़ स्कूल , वाराणसी), सुश्री निशा यादव (प्रधानाचार्य, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, मालदहिया) और श्री प्रभु नागराज (ऑपरेटिंग ऑफिसर, कॉर्पोरेट अफेयर्स, होंडा मोटरसाइकिल और स्कूटर इंडिया) की उपस्थिति में हुआ।
सत्रों के दौरान शिक्षकों कोबच्चों की सोच में बदलाव लाने वाले जागरूकता मॉड्यूलसे परिचित कराया गया। इन मॉड्यूल का उद्देश्य विद्यार्थियों में सुरक्षित यातायात आदतें विकसित करना है। सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य विद्यालयों को प्रेरित करना है कि वे इन मॉड्यूल को अपने पाठ्यक्रम में शामिल करें और सड़क सुरक्षा शिक्षा को सक्रिय रूप से बढ़ावा दें। एक विशेष पोर्टल के माध्यम से विद्यालयों को इन मॉड्यूल तक लगातार पहुँच मिलेगी, जिन्हें समय समय पर अद्यतन किया जाएगा ताकि बच्चों को सुरक्षित सड़क व्यवहार पर निरंतर और ताज़ा मार्गदर्शन मिलता रहे। लचीलापन बनाए रखने के लिए विद्यालय चाहें तो सत्रों को सीधे प्रसारित कर सकते हैं या बाद में उपयोग हेतु डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, ये मॉड्यूल विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध हैं ताकि विविध छात्र समुदाय तक आसानी से पहुँचा जा सके।
अब तक एचएमएसआईने पूरे भारत में 18 सड़क सुरक्षा सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं, जिनके माध्यम से 1700 से अधिक विद्यालयों तक पहुँचा गया और 9 लाख से ज़्यादा विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इस पहुँच को और आगे बढ़ाते हुए एचएमएसआईका लक्ष्य है कि इस वर्ष और अधिक विद्यालयों तथा समुदायों तक कार्यक्रम का विस्तार किया जाए। प्राचार्यों और शिक्षकों को सीधे जोड़कर कंपनी यह सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा का संदेश कक्षाओं से निकलकर परिवारों और समाज तक पहुँचे।
एचएमएसआई के वैश्विक सुरक्षा संदेश “सभी के लिए सुरक्षा”से प्रेरित होकर होंडा जिम्मेदार सड़क उपयोगकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार करने पर केंद्रित है। सम्मेलन का उद्देश्य सड़क सुरक्षा शिक्षा को और व्यापक बनाना है, ताकि विद्यार्थी छोटी उम्र से ही सुरक्षित व्यवहार की संस्कृति अपनाएँ। शिक्षकों, प्रशासकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर सहयोग के माध्यम से कंपनी अपने मिशन को मज़बूत कर रही हैसड़क सुरक्षा को साझा ज़िम्मेदारी और भारत की भावी पीढ़ियों के जीवन शैली का हिस्सा बनाने के लिए।