अयोध्या। इन्दिरा आईवीएफ हॉस्पिटल लिमिटेड (“इंदिरा आईवीएफ“) ने अयोध्या में अपने नवीनतम फर्टिलिटी क्लिनिक का शुभारंभ किया है। यह शुरूआत उत्तर प्रदेश में रिप्रोडक्टिव हेल्थ केयर सेवाओं की पहुंच को अधिक बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। नया सेंटर फर्स्ट फ्लोर, मुकुट कॉम्प्लेक्स, रिकाबगंज, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के पास, फैजाबाद, अयोध्या में शुरू किया गया है और इसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों और दंपतियों को विश्वसनीय एवं सुलभ फर्टिलिटी केयर उपलब्ध करवाना है।
शुभारंभ के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिथियों और क्लिनिक से जुड़े पदाधिकारियों ने इस सेंटर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। समारोह में अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बीजेपी युवा मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री हर्षवर्धन सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। विशेष अतिथियों में वैदेही बल्लभ शरण (वैदेही बल्लभ कुंज वामन जी मंदिर), महंत राज कुमार दास (वेदांती मंदिर), और महंत जनार्दन दास (तुलसीदास चावनी नयाघाट) शामिल रहे। इस अवसर पर इन्दिरा आईवीएफ के चीफ आईवीएफ स्पेशलिस्ट, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, लखनऊ एंड ज़ोनल बिज़नेस डायरेक्टर, डॉ. पवन कुमार तथा इन्दिरा आईवीएफ अयोध्या सेंटर हेड डॉ. अंजलि सिंह भी मौजूद रहे।
प्रेस कांफ्रेस में महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या में इन्दिरा आईवीएफ का उद्घाटन हमारे शहर की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, यहां के लोगों के लिए यह सेंटर फर्टिलिटी केयर को नजदीक लाएगा। पहले कई दंपतियों को इलाज के लिए दूर-दराज़ शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें भरोसेमंद सेवाएं यहीं उपलब्ध होंगी। हेल्थ केयर सेवाओं की पहुंच बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है और यह क्लिनिक हमारे क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छी पहल है।
इन्दिरा आईवीएफ के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिज मुर्डिया ने कहा कि हर नया सेंटर केंद्र हमारी इस सोच को मजबूत करता है कि फर्टिलिटी केयर सभी के लिए सुलभ और सहयोगी होनी चाहिए। अयोध्या क्लिनिक उत्तर प्रदेश में हमारी उपस्थिति को अधिक मजबूत करेगा। हमारी टीम यहां मेडिकल विशेषज्ञता के साथ-साथ भावनात्मक सहयोग भी प्रदान करेगी ताकि दम्पती आत्मविश्वास के साथ अपनी यात्रा शुरू कर सकें।
बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में हेल्थकेयर ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रही है। इन्दिरा आईवीएफ का विस्तार इस दृष्टि से सराहनीय प्रयास है। जब सेवाएं छोटे शहरों तक पहुंचती हैं, तो परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और हैल्थकेयर इकोसिस्टम मजबूत होता है। यह क्लिनिक अयोध्या ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी लाभान्वित करेगा।
वैदेही बल्लभ शरण ने कहा जो लोग परिवार पूरा करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं] उनके लिए उचित चिकित्सा सुविधा आशा लेकर आती है। अयोध्या में इन्दिरा आईवीएफ की उपस्थिति दंपतियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। हम इस सेवा का स्वागत करते हैं।
महंत राज कुमार दास ने कहा कि अयोध्या में फर्टिलिटी क्लिनिक लोगों और परिवारों की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करेगा। कई दम्पती निःसंतानता की समस्या से परेशान रहते हैं और आसपास ही भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें उपचार और आश्वासन दोनों मिलते हैं। यह हमारे समाज के स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक कदम है।
महंत जनार्दन दास ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं जो लोगों की आवश्यकता को पूरा करती हैं वे हमेशा स्वागत योग्य होती हैं। जो दम्पती परिवार पूरा करने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए फर्टिलिटी उपचार तक पहुंच बहुत मायने रखती है। अयोध्या में इन्दिरा आईवीएफ का शुभारंभ लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डॉ. पवन कुमार ने कहा कि हर फर्टिलिटी यात्रा जागरूकता से शुरू होती है। अयोध्या में हमारा प्रयास दम्पतियों को फर्टिलिटी जर्नी और समय पर परामर्श के महत्व के बारे में मार्गदर्शन प्रदान करना और शिक्षित करना होगा। जागरूकता के माध्यम से हम उन्हें आत्मविश्वास के साथ उचित निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं।
इन्दिरा आईवीएफ अयोध्या सेंटर हेड डॉ. अंजलि सिंह ने कहा कि हर फर्टिलिटी यात्रा विश्वास से शुरू होती है। इन्दिरा आईवीएफ अयोध्या में हमारा ध्यान ऐसा वातावरण बनाने पर है जहां मरीज की बात को सुना व समझा जाएए वे उचित मार्गदर्शन प्राप्त करें और अपने उपचार के दौरान सहज महसूस करें। हम चाहते हैं कि दम्पती यह समझें कि यहां विज्ञान और अपनापन साथ-साथ चलते हैं और हर सफलता की कहानी केयर और विश्वास से शुरू होती है।
मार्च 31, 2025 तक भारत में 169 क्लिनिकों के नेटवर्क के साथ, इन्दिरा आईवीएफ का यह नया अयोध्या सेंटर रिप्रोडक्टिव केयर तक पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह विस्तार विभिन्न प्रकार की आबादी की जरूरतों को पूरा करने, समय पर जानकारी देने और फर्टिलिटी हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगा।