आगरा में उद्योग और शिक्षा का मेल, CII और ITC होटल्स ने राष्ट्रीय पहल को आगे बढ़ाया, अगला पड़ाव अहमदाबाद

आगरा: नई दिल्ली में कामयाब शुरुआत के बाद कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री ने ITC होटल्स और EHL के साथ मिलकर अपनी खास पहल ‘Industry–Academia Connect 2025’ को 9 मई को आगरा में शुरू किया। इसमें बहुत लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। यह सीरीज़ उस 18 महीने के VET by EHL स्विस प्रोफेसनल डिप्लोमा प्रोग्राम की सफलता की अगली कड़ी है। यह प्रोग्राम अभी 10 ITC होटलों में चल रहा है। इसके तहत अब तक 800 से ज़्यादा छात्रों को ट्रेनिंग दी गई है और सभी को नौकरी मिली है। इससे साफ दिखता है कि भारत में उद्योग से जुड़ी पढ़ाई कितनी फायदेमंद होती है।दिल्ली में शिक्षा और उद्योग जगत के 70 से ज़्यादा प्रमुख लोगों की मौजूदगी में इस पहल की शानदार शुरुआत हुई। उसी जोश के साथ यह कार्यक्रम अब आगरा में हुआ, जिसमें 50 जाने-माने प्रोफेसर, संस्थानों के प्रमुख व्यक्ति और अलग-अलग सेक्टरों के विशेषज्ञ शामिल हुए। इस दौरान सोचने पर मजबूर करने वाली बातें सामने आईं और कई काम की सलाहें भी मिलीं। यह पूरी पहल एक ही लक्ष्य पर टिकी है, और वह लक्ष्य है ‘पढ़ाई और नौकरी के बीच की दूरी को कम करना’। इसे लेकर शिक्षा और उद्योग जगत, दोनों की तरफ से ज़बरदस्त उत्साह देखने को मिला। ITC होटल्स, टैलेंट मैनेजमेंट, वाइस प्रेसिडेंट श्री निलेश मित्रा ने कहा जो बिज़नेस लोगों और उनके अनुभवों पर आधारित होते है, उसमें केवल वर्तमान के लिए ट्रेनिंग देना काफी नहीं होता है हमें भविष्य की स्किल को भी समझना होगा। ऐसे कार्यक्रम यह सुनिश्चित करते हैं कि शिक्षा सिर्फ उद्योग की ज़रूरतों के साथ न चले, बल्कि भविष्य के लिए टैलेंट भी तैयार करे।’कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के एडवाइजर ने श्री प्रवीण रॉय ने कहा, ‘दिल्ली में सफल शुरुआत ने हमें दिखाया कि शिक्षा और उद्योग का एक साथ काम करना कितना प्रभावी होता है।

करियर गाइडेंस, साइकोमेट्रिक टूल्स और उद्योग के मार्गदर्शन को मिलाकर हम एक ऐसे सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं जो छात्रों को सिर्फ नौकरी नहीं देता, बल्कि उन्हें स्पष्टता और उद्देश्य भी देता है। Industry-Academia Connect 2025 का लक्ष्य इस सफलता को पूरे देश में फैलाना है।’”

HQ VFX के चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफिसर श्री राजीव शर्मा ने कहा, “VFX और एनीमेशन जैसे क्षेत्रों में नवाचार बहुत तेज गति से हो रहा है। इसलिए यह जरूरी है कि शिक्षा क्षेत्र ज्यादा सक्रिय रूप से सहयोग करे। ज्यादा सक्रिय होने का अर्थ रियल-टाइम केस स्टडीज़, काम कर रहे प्रोफेशनल्स का मार्गदर्शन, और बदलती तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव शामिल होना है।”

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