वाराणसी:16 नवंबर को एक महत्वपूर्ण ऊर्जा सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, बैंक व स्थानीय प्रतिनिधि और समुदाय के सदस्य एक मंच पर जुटेंगे। होटल कास्टिलो में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम शहर और पूर्वांचल में सौर ऊर्जा को अपनाने की गति और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का व्यापक आकलन करेगा।सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत वाराणसी में हो रही प्रगति पर चर्चा की जाएगी—विशेषकर उन वार्डों और इलाकों पर, जहां सौर ऊर्जा तेजी से अपनाई गई है और जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिली है। साथ ही कार्यक्रम में उन ग्राहकों और परिवारों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने न केवल खुद सौर ऊर्जा को अपनाया, बल्कि अपने समुदाय में दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित किया।आयोजन में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज़ इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रतिनिधियों के साथ-साथ बैंक अधिकारियों, फील्ड कर्मचारियों, तकनीकी स्टाफ और ऊर्जा अधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। आयोजकों का कहना है कि यह बैठक केवल उपलब्धियों की समीक्षा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि भविष्य के रोडमैप पर भी केंद्रित होगी—जिसमें तकनीकी नवाचार, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सौर पहुंच बढ़ाना, तथा उपभोक्ताओं को और अधिक सक्षम बनाने के उपाय शामिल हैं।चर्चा के प्रमुख विषयों में सन किंग के माध्यम से वाराणसी में अब तक किए गए इंस्टॉलेशन, उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभ, स्थानीय प्रशासन के साथ साझेदारी, और स्वच्छ ऊर्जा को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीतियाँ शामिल होंगी। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में सौर ऊर्जा का बढ़ता प्रसार न केवल बिजली लागत को कम कर रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों को भी मजबूती दे रहा है।देशभर में नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ते कदमों के बीच, यह आयोजन वाराणसी की भूमिका को एक ऐसे शहर के रूप में रेखांकित करता है जो परंपरा और आधुनिकता के संगम के साथ स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य को दिशा दे रहा है। यह सम्मेलन न केवल अब तक की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि आने वाले वर्षों में ऊर्जा परिवर्तन की गति को और तेज करने की प्रतिबद्धता भी है।