मुंबई,:स्कूलों, शिक्षकों, नॉलेज क्रिएटर्सऔर स्कूलों को सामग्री आपूर्ति करने वाले वितरकों के लिए सबसे बड़े और प्रभावशाली मंचों में से एक ‘एज्युकनेक्टएक्सपो २०२५’ का आयोजन भयंदर स्थित बालासाहेब ठाकरे मैदान में किया गया। लक्ष्मी बुक एंटरप्राइजेज द्वारा आयोजित और वुडक्राफ्ट इवेंट्स एंड एंटरटेनमेंट द्वारा परिकल्पित इस तीन दिवसीय एक्सपो को शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, शिक्षा क्षेत्र के दिग्गजों, डिजिटल क्रिएटर्सऔर अभिभावकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला।
इस समारोह का उद्घाटन हिंदी फिल्म उद्योग की वरिष्ठ अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी और एज्युकनेक्टएक्सपो के आयोजक शैलेश सालस्कर की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में भव्य प्रदर्शनियां, इंटरैक्टिव ज़ोन, कार्यशालाएं, पैनल चर्चाएं और विशेषज्ञ सत्र शामिल थे, जिनका मुख्य उद्देश्य सहयोग को बढ़ावा देना और भविष्य की शिक्षा को सक्षम बनाना था। १०,००० से अधिक आगंतुकों की उपस्थिति के साथ, एज्युकनेक्ट ने भारत के शिक्षा-केंद्रित आयोजनों में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।
एक्सपो में एक विशेष पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसका संचालन मार्केटर और पत्रकार आरती नोटियाल ने किया। इसमें जसविंदर गार्डनर, उर्वशी उपाध्याय, अमन माथुर और हार्टी सिंह ने क्रिएटिविटी, डिजिटल प्रभाव, छात्र प्रेरणा और आधुनिक शिक्षा के बदलते परिवेश पर गहन चर्चा की।
पहले दिन का मुख्य आकर्षण ‘एज्युकनेक्ट अवॉर्ड्स २०२५’ रहा, जिसके माध्यम से शिक्षा और डिजिटल नॉलेज के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार विजेताओं में ईशान्य माहेश्वरी, काशिफतन्वर, गार्गीकुंडू, सौरभ खंडागले, गौरी टोंक, पियालीतोष्णीवाल, रुहीजअमरेलिया, मेखलाबावसे, जय देसाई, सागर विसावडिया, अमन माथुर, तरुण वाधवानी, हरीश सोलंकी, धवल और डिंपल, रूपमलखनपाल, शोभिका बाली, अवनी दलाल, राकेश कुक्रेती, विद्या ठक्कर, हार्टी सिंह, राजवीर सिंह, ऐश्वर्या श्रीधर, कनिषा मल्होत्रा, मधुराभागनागरे, वैभवी मराठे, श्रीपाद मराठे, सोनल कौशल और रोहित मावले शामिल थे। शिक्षा, मीडिया, समाज सेवा, क्रिएटिविटी, साहित्य, वित्त और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसे विविध क्षेत्रों के इन विजेताओं ने भारत में ज्ञान-आधारित प्रभाव के विशाल दायरे को रेखांकित किया।
इस प्रदर्शनी में प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों नेक्लासरूम इनोवेशन, छात्र कल्याण, तकनीक का उपयोग और नई शैक्षणिक पद्धतियों जैसे विषयों पर मार्गदर्शन किया। आधुनिक शिक्षा के माहौल को समझने के इच्छुक अभिभावकों और शिक्षकों के लिए ये सत्र अत्यंत मूल्यवान साबित हुए। प्रसिद्ध भारतीय लेखक और ‘विजनरी एजुकेशनल लीडरशिप अवॉर्ड’ विजेता प्रो. शिबु नायर ने समावेशी शिक्षा (inclusive education) के बारे में एक अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, “सच्ची समावेशी शिक्षा केवल नीतियों या कक्षाओं से नहीं बनती, बल्कि यह उन शिक्षकों द्वारा तैयार होती है जो अंकों (marks) से परे देखते हैं, हर बच्चे की कहानी समझते हैं और प्रत्येक बच्चे को यह महसूस कराते हैं कि वे महत्वपूर्ण हैं और उनमें क्षमता है।”