आरसीएम की रूपांतरण यात्रा में 20,000 से अधिक नवोद्यमियों की सहभागिता; वाराणसी में मिला जबरदस्त जनसमर्थन

वाराणसी,: आरसीएम की राष्ट्रव्यापी रूपांतरण यात्रा के शुभारंभ के बाद से अब तक लाखों नवोद्यमी इससे जुड़ चुके हैं, जो कंपनी की जन-आधारित विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यात्रा का नवीनतम पड़ाव वाराणसी रहा, जहां हजारों नागरिकों ने स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार को बढ़ावा देने वाली विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की।
वाराणसी और इससे पहले आयोजित 20 शहरों में लाखों लोगों की भागीदारी को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 75 शहरों की इस यात्रा के 23 दिसंबर 2025 को समापन तक इसकी पहुँच लगभग एक मिलियन लोगों तक हो सकती है।वाराणसी कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने रक्तदान किया और स्वस्थ जीवनशैली व आत्मनिर्भरता के बारे में जानकारी प्राप्त की। लोगों का सामूहिक उत्साह इस बात का प्रमाण था कि वे केवल उपस्थित होने के लिए नहीं, बल्कि निःस्वार्थ योगदान देने के लिए आगे आए-यह दर्शाता है कि यात्रा किस प्रकार लोगों को स्वास्थ्य , सेवा और संस्कार के तीन मूल स्तंभों पर कार्य करने के लिए प्रेरित कर रही है। कार्यक्रम में नागरिकों को स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने वाली जन-जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।वाराणसी के लोगों ने इस यात्रा का भव्य स्वागत किया। हजारों लोग सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय खेल मैदान, जगतगंज, चौकाघाट, वाराणसी में आयोजित इस आयोजन में शामिल हुए।इस यात्रा का प्रभाव प्रतिभागियों की साझा कहानियों में झलकता है। एक प्रतिभागी ने, जिन्होंने दो दशकों के बाद रक्तदान किया, इसे अत्यंत संतोषजनक अनुभव बताया। एक अन्य प्रतिभागी ने बताया कि चावल की भूसी के तेल के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी उनके लिए एक नई सीख थी।कार्यक्रम दो भागों में संपन्न हुआ-सुबह स्वास्थ्य और सेवा से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जबकि शाम को उत्सव और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया।
आरसीएम कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक सौरभ छाबड़ा ने कहा, “वाराणसी से मिला जबरदस्त प्रतिसाद हमारे जन-आधारित आंदोलन की शक्ति और भावना को दर्शाता है। हम हर घर को बेहतर स्वास्थ्य, मजबूत मूल्यों और नए आर्थिक अवसरों से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हम एक स्वस्थ और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ सकें।”
प्रबंध निदेशक प्रियंका अग्रवाल ने कहा, “वाराणसी में रूपांतरण यात्रा का आयोजन हमारी 17,000 किलोमीटर लंबी परिवर्तन यात्रा का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हम हर महिला को गरिमा, शक्ति और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि वे पुरुषों के साथ मिलकर नए भारत के निर्माण में समान रूप से योगदान दे सकें।”
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार ने कहा, “मुझे गर्व है कि रूपांतरण यात्रा ने वाराणसी में जो उत्साह और प्रेरणा जगाई है, वह पूरे भारत में लाखों लोगों को सशक्त बनाती रहेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी और समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।”

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